अपनी किस्मत को बदले | मोबाइल न्यूमरोलॉजी | Ft. आकृति सोनावाला

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Summary

इस पॉडकास्ट में आकृति सोनावाला मोबाइल न्यूमरोलॉजी के बारे में बताती हैं, जो यह समझने में मदद करती है कि आपके फोन नंबर के अंक आपकी जिंदगी को कैसे प्रभावित करते हैं। उन्होंने बताया कि कैसे कुछ अंक संयोजन भाग्य को नकारात्मक या सकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकते हैं और कैसे सही नंबर चुनकर जीवन में बदलाव लाए जा सकते हैं।

Highlights

मोबाइल न्यूमरोलॉजी का परिचय00:00:00

आकृति सोनावाला, एक क्रिस्टल हीलर और न्यूमरोलॉजिस्ट, बताती हैं कि कैसे मोबाइल नंबर के अंक हमारी जिंदगी के विभिन्न पहलुओं जैसे आत्मविश्वास, धन, संबंध और स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं। वह बताती हैं कि यदि किसी के मोबाइल नंबर के आखिर में '0' है, तो धन नहीं टिक पाता।

मोबाइल नंबर के 10 अंक और उनका महत्व00:04:45

आकृति जी मोबाइल नंबर के हर अंक का महत्व समझाती हैं: पहला अंक स्वयं का प्रतिनिधित्व करता है, दूसरा निर्णय लेने की क्षमता, तीसरा व्यापार और करियर, चौथा व्यापारिक संबंध, पांचवा बच्चों का, छठा पारिवारिक संबंध, सातवां शादी और प्रेम, आठवां स्वास्थ्य, नौवां सार्वजनिक संबंध, और दसवां धन।

अंकों के संयोजन: सकारात्मक और नकारात्मक00:09:50

आकृति जी कुछ महत्वपूर्ण अंक संयोजनों पर प्रकाश डालती हैं: 1-3 और 3-1 जैसे संयोजन व्यक्ति को आत्म-निर्भर और लीडर बनाते हैं। इसके विपरीत, 1-4 या 4-1 धोखा, कर्ज और नुकसान का संकेत देते हैं। 1-7 या 7-1 अतिरिक्त वैवाहिक संबंधों का संकेत देते हैं, जबकि 1-8 या 8-1 डिप्रेशन और सार्वजनिक बदनामी का कारण बनते हैं। 2-8 या 8-2 'विष योग' बनाते हैं, जो दुर्घटनाओं और जल यात्रा से बचने की सलाह देते हैं।

अन्य महत्वपूर्ण संयोजन और उनका प्रभाव00:15:00

9-5 का संयोजन इंटेलिजेंस और सरकारी नौकरी के लिए अच्छा है। 5-4 'बंधन योग' बनाता है, जो अस्पताल और कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाता है। 6-4 या 4-6 व्यसनों और बुरी संगत को बढ़ावा देता है। 7-8 या 8-7 डिप्रेशन और निराशा का संकेत देते हैं। 8-4 या 4-8 मृत्यु से संबंधित स्थितियों और नकारात्मक ऊर्जा के प्रभाव को दर्शाते हैं। 1-9 या 9-1 लीडरशिप और कार्य पूर्णता के लिए अच्छा है।

मोबाइल न्यूमरोलॉजी के पाँच नियम00:27:22

आकृति जी मोबाइल न्यूमरोलॉजी के पांच मुख्य नियम बताती हैं: 1. शून्य से दूर रहें। 2. मोबाइल नंबर का कुल योग आपकी जन्मतिथि के ड्राइवर और कंडक्टर नंबर के अनुकूल होना चाहिए। 3. नंबर जिस अंक से शुरू होता है, उसी पर खत्म नहीं होना चाहिए, क्योंकि यह जीवन में प्रगति को रोकता है। 4. किसी भी अंक की अति (दो से अधिक बार दोहराना) हानिकारक हो सकती है। 5. पांचवें नियम को स्पष्ट रूप से बताया जाना बाकी है।

अंकों की अति के दुष्प्रभाव00:32:00

ज़्यादा '1' ईर्ष्या और स्वास्थ्य समस्याएँ (गर्मी से संबंधित) लाता है। ज़्यादा '2' भावनात्मक असंतुलन और भ्रम पैदा करता है। ज़्यादा '3' गपशप और ज्ञान का दुरुपयोग को बढ़ावा देता है। ज़्यादा '4' अत्यधिक परिश्रम और काम के प्रति जुनूनी बनाता है। ज़्यादा '5' आलस्य और निष्क्रियता पैदा करता है। ज़्यादा '6' तनाव और चिंता बढ़ाता है। ज़्यादा '7' डिप्रेशन और अलगाव लाता है। ज़्यादा '8' धन और परेशानी दोनों लाता है। ज़्यादा '9' गुस्सा और झगड़े बढ़ाता है।

विभिन्न लक्ष्यों के लिए विशेष अंक00:36:13

खूबसूरती के लिए '6' अंक, सशक्तिकरण और नेतृत्व के लिए '1' या '1-9' संयोजन, सरकारी नौकरी के लिए '9-5' संयोजन, और विदेश यात्रा के लिए '5' अंक को सक्रिय करना फायदेमंद हो सकता है। अंत में, आकृति जी बताती हैं कि कैसे उन्होंने अपने बिज़नेस में नंबरों को सही करके सफलता पाई और अब दूसरों की मदद कर रही हैं।

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