ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का वैश्विक प्रभाव: खरग द्वीप पर हमला और अमेरिकी सैन्य नेतृत्व में उथल-पुथल
Summary
Highlights
खरग द्वीप पर हमला: ईरान की अर्थव्यवस्था पर सीधा प्रहार00:00:56
लेफ्टिनेंट जनरल दुष्यंत सिंह बताते हैं कि खरग द्वीप पर हमला ईरान पर चल रहे हमलों का एक हिस्सा है, जिसका ट्रंप की डेडलाइन से कोई सीधा संबंध नहीं है। यह हमला ईरान के तेल और गैस निर्यात टर्मिनल को निशाना बनाता है, जो ईरान के 90% निर्यात का संचालन करता है। यह द्वीप गहरे बंदरगाह के कारण भारी तेल टैंकरों के लिए महत्वपूर्ण है। हमले का मुख्य उद्देश्य ईरान की अर्थव्यवस्था पर दबाव डालना है।
ट्रंप का ईरान को 'अपमानजनक' बयान और वैश्विक प्रतिक्रिया00:06:06
जनरल सिंह ट्रंप के 'पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी' जैसे बयानों की कड़ी आलोचना करते हैं, उन्हें एक राष्ट्रपति के लिए 'ओछी हरकत' बताते हैं। वह कहते हैं कि ऐसे बयान ईरान की अस्मिता पर हमले के समान हैं और वे ईरान की जनता को और एकजुट करेंगे। ट्रंप के बयानों के बाद ईरान ने अमेरिका के साथ सीधी बातचीत बंद कर दी है, जिससे तनाव और बढ़ गया है।
अमेरिकी सैन्य कार्रवाई: हवाई हमले और 'वॉर क्राइम्स' का डर00:08:45
जनरल सिंह के अनुसार, अमेरिकी कार्रवाई में हवाई हमले शामिल होंगे, जिनमें सैन्य प्रतिष्ठानों के साथ-साथ नागरिक ठिकानों को भी निशाना बनाया जा सकता है, जिससे 'वॉर क्राइम्स' की आशंका बढ़ जाती है। अमेरिका का लक्ष्य ईरान को अपने 15 मांगों को स्वीकार करने के लिए मजबूर करना है, जबकि ईरान अपने 10 मांगों पर अड़ा हुआ है। खरग द्वीप पर हुए हमले में सैन्य प्रतिष्ठानों को नुक़सान पहुँचाने की बात कही गई है, लेकिन तेल सुविधाओं को नहीं। जनरल सिंह इस बात पर संदेह व्यक्त करते हैं।
इस्फायान में अमेरिकी अभियान का रहस्य और परमाणु संबंध00:13:58
जनरल सिंह इस्फायान में हुए एक संदिग्ध अमेरिकी अभियान पर प्रकाश डालते हैं, जहाँ अमेरिका के तीन विमान और हेलिकॉप्टर नष्ट हो गए थे। अमेरिकी बयान के अनुसार यह एक बचाव अभियान था, लेकिन जनरल सिंह को संदेह है कि यह ईरान की परमाणु स्थल से संबंधित कुछ खुफिया जानकारी या नमूने प्राप्त करने का प्रयास हो सकता था। इस विफल अभियान पर अमेरिका में काफी बहस चल रही है, जिसकी लागत 2 बिलियन डॉलर बताई जा रही है।
ब्लफिंग गेम और ईरान का 'सीक्रेट वेपन'00:25:59
जनरल सिंह बताते हैं कि दोनों पक्ष 'ब्लफिंग गेम' खेल रहे हैं। ईरान के मेजर जनरल अब्दुल्ला के 'सीक्रेट वेपन' के बयान को भी इसी ब्लफिंग का हिस्सा माना जा रहा है। वह रूस द्वारा ईरान को सरमात मिसाइल दिए जाने की अफवाहों को गलत सूचना का अभियान मानते हैं, क्योंकि रूस खुद इस मिसाइल को विकसित कर रहा है और उसके पास इतनी संख्या में मिसाइल नहीं हैं कि वह ईरान को दे सके।
अमेरिका के भीतर राजनीतिक उथल-पुथल और सैन्य नेतृत्व में परिवर्तन00:19:54
ट्रंप की बयानबाजी और सैन्य विफलताओं ने अमेरिका के भीतर भी तनाव पैदा कर दिया है। पिछले एक साल में 14 से अधिक उच्च श्रेणी के अमेरिकी सैन्य अधिकारियों को पद से हटा दिया गया है, जिसमें चेयरमैन जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ और चीफ ऑफ नेवल ऑपरेशंस भी शामिल हैं। जनरल सिंह का मानना है कि इससे अमेरिकी सेना का मनोबल प्रभावित हो सकता है, क्योंकि सैनिक अपने नेताओं के आदेशों की वैधता पर सवाल उठा रहे हैं।
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