मिशन दृष्टि | दुनिया का पहला ऑप्टोसारा सैटेलाइट समझाया गया

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Summary

इस वीडियो में दुनिया के पहले ऑप्टोसैंथेटिक एपर्चर रडार (ऑप्टोसआर) सैटेलाइट, गैलेक्सी मिशन दृष्टि के बारे में बताया गया है, और साथ ही भारत की कुछ अग्रणी निजी अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियों का भी उल्लेख किया गया है।

Highlights

गैलेक्सआई मिशन दृष्टि का परिचय
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गैलेक्सआई मिशन दृष्टि दुनिया का पहला ऑप्टोसैंथेटिक एपर्चर रडार (OPTOSAR) सैटेलाइट है। इसे कैलिफ़ोर्निया के वंडेनबर्ग स्पेस फ़ोर्स बेस से SpaceX के फ़ॉल्कन 9 रॉकेट के माध्यम से लॉन्च किया गया था, और यह सन-सिंक्रोनस ऑर्बिट में तैनात किया जाएगा, जहाँ से यह हर चार दिन में एक ही स्थान पर एक ही समय और कोण पर रिविजिट करेगा।

ऑप्टिकल इमेजिंग और सिंथेटिक एपर्चर रडार (SAR) की व्याख्या
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इस सैटेलाइट को 'अपनी तरह का पहला' कहा गया है क्योंकि यह ऑप्टिकल इमेजिंग और सिंथेटिक एपर्चर रडार को जोड़ती है। ऑप्टिकल इमेजिंग स्पष्ट, समझने योग्य छवियां प्रदान करती है जब दृश्य किरणें उपलब्ध होती हैं, जबकि SAR माइक्रोवेव का उपयोग करता है जो बादलों वाले मौसम में भी घुसकर उच्च गुणवत्ता वाली छवियां कैप्चर करता है। सैटेलाइट ऑप्टिकल इमेजिंग की सीमाओं को दूर करने के लिए SAR की कार्यक्षमता का उपयोग करता है।

भारत में निजी अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में प्रगति
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भारतीय निजी कंपनियां अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं। स्काईरूट एयरोस्पेस ने भारत का पहला निजी रॉकेट विक्रम लॉन्च किया, और अग्निकुल कॉसमॉस ने दुनिया का पहला 3डी-प्रिंटेड रॉकेट इंजन बनाया। गैलेक्सआई ने OPTOSAR सैटेलाइट के साथ योगदान दिया है, और बेट्रिक्स और पिक्सेल जैसी अन्य कंपनियां भी उभर रही हैं।

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